दिल्ली : आईजीआई एयरपोर्ट पर एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। अफ़ग़ानिस्तान का एक 13 साल का लड़का विमान के पहिये में छिपकर काबुल से दिल्ली पहुँचा। इस घटना ने 1996 में हुई उस घटना की याद दिला दी जब पंजाब के दो भाइयों ने बिना वीज़ा या पासपोर्ट के अवैध रूप से लन्दन पहुँच गए थे। हालांकि विमान लेंडिग के दौरान पहिये खुलने खुलने से दोनों भाई निचे गिर गए थे जिससे एक की मौत हो गई थी जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया था। काबुल से आईजीआई एयरपोर्ट पर 13 साल के लड़के के विमान के पहिये में छिपकर पहुँचने की यह दूसरी घटना है। इससे पहले 1996 में पंजाब के दो भाइयों, प्रदीप सैनी (23) और विजय सैनी (19) ने बिना वीज़ा या पासपोर्ट के अवैध रूप से विदेश यात्रा करने का फैसला किया था।

जब प्रदीप ने अपने छोटे भाई विजय सैनी के बारे में पूछा तो उसकी तलाश की गई। करीब पाँच दिन बाद उसका शव दक्षिण-पश्चिम लंदन के रिचमंड स्थित एक औद्योगिक क्षेत्र में मिला। पोस्टमार्टम के बाद पता चला कि उसकी मौत ठंड से हुई थी। लैंडिंग के दौरान वह हवाई अड्डे के पास विमान से 2,000 फीट की ऊँचाई से गिर गया था। ठीक उसी तरह अफ़ग़ानिस्तान का एक 13 वर्षीय किशोर विमान के पहिये में छिपकर काबुल से दिल्ली पहुँच गया। आईजीआई हवाई अड्डे पर यह चौंकाने वाली घटना सामने आई है। किशोर को इमीग्रेशन विभाग की टीम ने हिरासत में ले लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है। बताया जा रहा है कि किशोर ईरान जाना चाहता था। इमीग्रेशन विभाग किशोर की काबुल वापसी की प्रक्रिया में जुटी है।
पूछताछ में किशोर ने बताया कि वह अफ़ग़ानिस्तान का रहने वाला है और ईरान जाना चाहता था। वह गलती से भारत जाने वाली उड़ान में सवार हो गया। उसने बताया कि वह काबुल हवाई अड्डे पर एक यात्री कार में घुस गया और फिर विमान के व्हील वेल में छिप गया। उड़ान भरने के बाद, दरवाज़ा बंद हो गया और वह अंदर ही फँस गया। अधिकारियों ने बताया कि किशोर 94 मिनट तक इसी हालत में रहा, जो आश्चर्यजनक है। 10,000 फीट से ऊपर ऑक्सीजन का स्तर काफी कम हो जाता है, इसलिए किशोर की मौत हो सकती थी। किशोर फिलहाल आव्रजन विभाग की हिरासत में है और उससे पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि उसे वापस अफ़ग़ानिस्तान भेजने की प्रक्रिया चल रही है।

